
कार्यक्रम का शुभारंभ जयराम नगर,छत्तीसगढ़ की कवियत्री जलेश्वरी वस्त्रकार के द्वारा मांँ वीणावादिनी के सुंदर वंदना से किया गया।कार्यक्रम को आगे बढा़ते हुए मंच पर उपस्थित सभी काव्य मनीषियों ने अपने सुंदर काव्य पाठ द्वारा मंच को ऊंचाई प्रदान की।गोष्ठी में उपस्थित कवि गण .महेश प्रसाद शर्मा, बरेली ,डा. अर्चना श्रेया, बैंगलोर ,सुमन झा माहे, गोरखपुर, डा. सरिता सिंह गोरखपुर से ,बद्रीनाथ विश्वकर्मा गोरखपुर से, अरुण कुमार श्रीवास्तव ने अध्यक्षता करते हुये सुनाया "कुछ लोग सियासत का हुनर बांट रहे हैं इस देश को ही खून की तरह चाट रहे हैं" जोधपुर राजस्थान से संजीदा खानम़ शाहीन ने गज़ल पढ़कर वाहवाही लूटा, दिनेश गोरखपुरी ने -मन का भार हटा दे नटवर सुनाया,अंजनी कुमार ने गीत सुनाया, गुवाहाटी असम से मधु माहेश्वरी ने "रिश्तों को जज्बातों से सिया जाए अब".सुंदर काव्य पाठ कर समाज को संदेश दिया, इंदौर ,मध्य प्रदेश की कवियत्री आभा गुप्ता ने "मेरे मन के दर्पण मे तस्वीर तुम्हारी ए कान्हा" पढ़कर सुंदर काव्य पाठ किया,संस्था की सचिव संंगीता श्रीवास्तव ने "बड़ी सयानी है यार किस्मत" गज़ल पढ़कर वाहवाही लूटा, गोरखपुर की प्रेमलता रसबिंदु ने "रंगबिरंगी दुनिया" पर बहुत सुंदर काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन सरिता सिंह व प्रेमलता रसबिंदु द्वारा किया गया। संस्थापिका संंगीता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और अंत में अध्यक्ष महोदय ने सभी काव्य मनीषियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

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