
बलिया : फर्जी डाक्टर बनकर दूल्हा बनना भारी पड़ गया। दहेज लोभी दूल्हे के साथ उसके माता-पिता भी सजा के हकदार बन गए। शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम शांभवी यादव ने ओपन कोर्ट में फैसला सुनाया। उन्होंने अभियुक्त पति को अंडर कस्टडी लेते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
वहीं धोखे से शादी कराने पर पति, सास व ससुर को तीन-तीन वर्ष कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना राशि जमा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। सीजेएम ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ चलेंगी।
फेफना थाने में वर्ष 2014 में दर्ज मुकदमें में सागरपाली गांव निवासी अभियुक्त पति सुनील कुमार वर्मा, ससुर शिव शंकर वर्मा और सास राधिका को दोषी पाया गया। अभियोजन के अनुसार बलिया शहर में जापलिनगंज निवासी सुनील वर्मा की बहन सुनीता की शादी सुनील के साथ 28 मई 2013 को हुई थी।
शादी से पहले लड़क के घर वालों ने उसे एमबीबीएस डाक्टर बताया था लेकिन बाद में यह बात गलत साबित हुई। इस बीच विदाई के कुछ ही दिनों के बाद ससुराल वाले दहेज के लिए सुनीता को प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर 15 दिसंबर 2014 को विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया।

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