
श्री शुक्ल ने कहा कि न्यायपालिका की भी जवाब देही तय होनी चाहिए, इसके लिए भी एक आयोग या संगठन बनाने की जरूरत है। मुकदमों पर फैसला जल्द होने चाहिए और देश में बच्चों की शिक्षा रोजगारपरक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए संविधान में संशोधन की जरूरत है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएस तोमर ने कहा की विश्व के सभी संविधानों से अच्छे सूत्र लेकर हमारा संविधान बना है। प्रथमत: संविधान में 10 वर्ष के लिए आरक्षण लागू किया गया था, लेकिन अभी तक आरक्षण की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यायाधीश आरके रस्तोगी ने और मंच संचालन हसन नकवी ने किया। इस अवसर पर जमालुद्दीन बेग कल्लू नेता, प्रभाकर सिंह, प्रियंका चौधरी, राजकुमार गौतम, मोहम्मद मोइन, शांति यादव, मोहम्मद नदीर , डॉक्टर मनु सिंह चौहान, सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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