
मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च केवल अकादमिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, उद्योग और नीति निर्माण में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाता है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक महामारी, ऊर्जा संकट जैसे जटिल मुद्दों का समाधान केवल एक विषय की दृष्टि से संभव नहीं है। इन समस्याओं को समझने और हल करने के लिए पारस्परिक सहयोग आवश्यक है। यह सहयोग संस्थानों, शोधकर्ताओं, सरकार और निजी क्षेत्र के बीच भी होना चाहिए। नई शिक्षा नीति 2020 भी इस बात पर विशेष बल देती है कि छात्रों को बहुविषयी सोच और अनुसंधान के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे वे नवाचार की दिशा में स्वतंत्र रूप से सोच सकें और समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित कर सकें।
कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. ओम प्रकाश सिंह, प्राचार्य, दिग्विजय नाथ पी.जी. कॉलेज गोरखपुर ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन हेतु आयोजन समिति को बधाई दी। कॉन्फ्रेंस संयोजक प्रो. परीक्षित सिंह, कॉर्डिनेटर आई.क्यू.ए.सी., दिग्विजयनाथ पी.जी. कॉलेज गोरखपुर ने अतिथियों सहित सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. एस.के. सिंह, महासचिव, साइंस टेक इंस्टीट्यूट, लखनऊ ने किया। इस कार्यक्रम में डॉ. सुशील सिंह, डॉ. प्रत्याशा त्रिपाठी, डॉ नीलम बंसल, डॉ अभिनव श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के शिक्षक डॉ सुभाष चंद्रा, डॉ राम प्रसाद यादव, डॉ पवन पाण्डेय, डॉ सूरज शुक्ला, डॉ मनीष श्रीवास्तव, डॉ दीपक साहनी, डॉ इंद्रेश पाण्डेय, श्री वृजेश विश्वकर्मा, श्री अश्वनी श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षकों सहित कुल 257 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। उक्त कार्यक्रम की जानकारी महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शैलेश कुमार सिंह ने दी।

0 Comments