
बताया जा रहा है कि 27 सितंबर को 108 नम्बर की एम्बुलेंस गावंडे को इमरजेंसी में लेकर पहुंची थी. इसके पैर में चोट थी पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किसने 108 को फोन कर इसे अस्प्ताल भर्ती कराया था। पुलिस अस्पताल के वार्ड तक और उसके रिकार्ड तक पहुंची तो मालूम हुआ कि अशोक के नाम से मरीज भर्ती था लेकिन अस्प्ताल से जब गायब हो गया था तो वार्ड व अस्प्ताल की जिम्मेदारी थी कि पुलिस को सूचना दी जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच करने में जुटी है।
गौरतलब है कि महऋषि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की ओपीडी व वार्ड की बिल्डिंग में सप्लाई होने वाले पानी से दुर्गंध आ रही थी. ऐसे में पांचवी मंजिल पर बनी सीमेंटेड पानी टंकी की सफाई करने पहुंचे कर्मियों ने उसमें लाश देखी जिसके बाद उसे निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस इसकी शिनाख्त में जुटी रही, एक टीम मुम्बई रवाना हुई और दूसरी गोरखपुर।
बाद में मृतक की पहचान अशोक गावंडे उम्र 61 वर्ष पुत्र भीकाजी गावंडे के रूप में हुई है जो आदित्य विश्व काम्प्लेक्स चंद्रोदय परिसर के सामने कुलगांव थाणे अम्बरनाथ महाराष्ट्र का रहने वाला था. इनकी पत्नी अनीता गावंडे ने मृतक की तस्वीर देखकर पुष्टि की है . पुलिस ने जो प्रेस रिलीज देर रात जारी की थी उसके मुताबिक मृतक अशोक गावंडे पिछले चार साल से अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे. पुलिस के अनुसार मानसिक बीमारी के कारण मुम्बई के एक अस्प्ताल में 4 महीने तक इनका इलाज चला था।
अब यह मामला हत्या व आत्महत्या के बीच रहस्य है जिसका खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है. आपको बता दे की 6 अक्टूबर को लाश मिलने के बाद डीएम दिव्या मित्तल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि पांचवी तल की एंट्री प्वाइंट वाले दरवाजे पर ताला नहीं लगा था. बंद किया जाने वाला कुंडी भी सही नहीं थी. ऊपर जाने वाली सीढ़ी या रैम्प पर कोई CCTV कैमरे नहीं लगे थे।

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