
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्रा, प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह, उप प्राचार्य डॉ. स्वप्निल, प्रवक्ता दिव्या त्रिपाठी सहित शिक्षकगण एवं दृश्य कला विभाग की छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रेखा रानी शर्मा ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्रा ने कहा कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्राओं को अपनी प्रतिभा को नए रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ रचनात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों को भी निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अम्ब्रेला वर्कशॉप छात्राओं के लिए कला को व्यवहारिक रूप में समझने और अपनी कल्पना को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का एक सुंदर अवसर है।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रेखा रानी शर्मा ने बताया कि सप्त दिवसीय अम्ब्रेला वर्कशॉप में छात्राओं को छाते की सतह पर विभिन्न कलात्मक विषयों, रंग संयोजन, डिजाइन एवं सजावटी कला की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मक क्षमता को विकसित करना तथा उन्हें पारंपरिक वस्तु को कलात्मक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यशाला में शिक्षकों एवं दृश्य कला विभाग की छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ अपनी कल्पनाओं डिजाइन में रंगों को भरने शुरू किया।

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