
गोरखपुर के स्टेशन रोड पर ट्रैफिक तिराहे पर स्थापित पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को रातों-रात हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्व शांति मिशन के अध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और उस जगह को स्वच्छ सुंदर गोरखपुर के बोर्ड से ढक दिया गया है। वह मूर्ति बहुत ही अच्छी स्थिति में थी और स्थान के रिनोवेशन करने की कोई आवश्यकता नहीं थी फिर भी मूर्ति को वहां से हटा दिया गया और किसी को इसकी सूचना नहीं है कि वह मूर्ति कहां रखी गई है। इससे गोरखपुर के कायस्थों में आक्रोश है । उन्होंने कहा कि अगर धोखा दिया गया और उस मूर्ति को पुनर्स्थापित नहीं किया गया तो बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की एवं मुख्यमंत्री की होगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा के स्थान पर भी जगह को कम कर दिया गया है और वह मूर्ति खंडित हो गई है, जिस पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी चश्मा टूटा हुआ है। इस पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है की जैसे बनारस में विकास के नाम पर तमाम मूर्तियों को ध्वस्त कर दिया गया वैसे ही गोरखपुर में भी अब करने की तैयारी की जा रही है जिसका पहला कदम राजेंद्र बाबू की मूर्ति को हटाया जाना है।

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