
यात्रियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति दिखाना, सरकारी व्यवस्थाओं की कमियों पर सवाल उठाना और जनता की समस्याओं की आवाज़ उठाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपराध नहीं हो सकता। यदि सरकारी दुर्व्यवस्था का वीडियो बनाना और उसके खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध है, तो जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा आने वाले दिनों में हर ज़िले में यह “अपराध” करती रहेगी।
यात्रियों ने कहा कि सरकार और प्रशासन मुकदमे दर्ज करने और जेल भेजने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन युवा सरकारी स्कूलों की बदहाली, बेरोज़गारी, पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं के खिलाफ सवाल पूछना बंद नहीं करेंगे।
इसके बाद जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा सोनू घाट, खुखूँदू और भरथुआ होते हुए सलेमपुर पहुँची। रास्ते में यात्रियों ने युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
सलेमपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यात्रा के यात्री प्रिंस प्रकाश ने कहा कि आज का युवा अपने अधिकारों के लिए सवाल पूछ रहा है। सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव हो, भर्तियां वर्षों तक लंबित हों या परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हों—इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा किसी एक व्यक्ति या एक जिले की लड़ाई नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की शिक्षा, रोजगार और न्याय की सामूहिक लड़ाई है।
यात्रा के यात्रियों ने कहा कि सरकारी संस्थानों की कमियों को छिपाने के बजाय उन्हें सुधारना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। युवाओं की आवाज़ दबाने के लिए FIR और मुकदमों का सहारा लिया गया तो आंदोलन और अधिक व्यापक होगा।
जेन ज़ी कनेक्ट यात्रा आगे भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुँचकर सरकारी विद्यालयों, अस्पतालों, शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, लंबित भर्तियों और परीक्षा प्रणाली की जमीनी हकीकत को सामने लाने का अभियान जारी रखेगी।

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